सुरक्षा परिषद के कार्य “Suraksha Parishad Ke Karya”

Suraksha Parishad Ke Karya

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (United Nations Security Council) का गठन 1945 यानी द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान हुआ जिसका कार्य द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद विश्व में अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर शान्ति और सुरक्षा बनाये रखना था।

इसमें पाँच स्थायी सदस्य देश अमेरिका, ब्रिटेन, फ्राँस, रूस और चीन है जिनके पास अन्य 10 अस्थायी सदस्य चुनने का अधिकार है जिनका कार्यकाल 2 वर्ष का होता है। इन 10 सदस्यों में से पाँच सदस्य एशियाई या अफ्रीकी से, दो दक्षिण अमेरिकी देशों से, दो पश्चिमी यूरोप और एक सदस्य पूर्वी यूरोप और या अन्य क्षेत्रों से चुने जाते हैं।

सुरक्षा परिषद के कार्य

  • संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का सबसे मुख्य कार्य है अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर शान्ति और सुरक्षा बनाये रखना।
  • सुरक्षा परिषद किसी भी देश को हथियारों के भंडार को सीमित करने का निर्देश दे सकता है यदि अन्तरराष्ट्रीय रूप से वह ख़तरा महसूस हो तो।
  • सुरक्षा परिषद किसी भी बड़ी घटना, विवाद की जाँच का आदेश जारी कर सकता है।
  • सुरक्षा परिषद युद्ध विराम के निर्देश जारी कर सकती है
  • सुरक्षा परिषद शांति बनाने के लिए किसी भी क्षेत्र में संयुक्त राष्ट्र शांति सेना को भेज सकती है
  • सुरक्षा परिषद संघर्ष या विवाद में पकड़े गए नागरिकों की रक्षा के लिए कदम उठा सकती है बिना सरकारी समझौते के।
  • सुरक्षा परिषद किसी भी विवाद को शांतिपूर्ण रूप से किसी समझौते के साथ सुलझाने का कार्य करती है।
  • सुरक्षा परिषद किसी पद पर किसी भी विशेष प्रतिनिधि को नियुक्त करने के लिए कह सकती है।
  • संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्यों का कार्य 10 अस्थायी सदस्य का चयन करना भी होता है।

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